मध्य प्रदेश के मंडला जिले से सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे की एक बेहद चिंताजनक और डरावनी तस्वीर सामने आई है, जहाँ 700 से अधिक स्कूल भवन अत्यंत जर्जर और असुरक्षित स्थिति में पहुँच चुके हैं। इन इमारतों की कमजोर छतें और दरकती दीवारें हर पल किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं। प्रशासनिक सुस्ती का आलम यह है कि सोढाटोला प्राथमिक स्कूल के 39 मासूम बच्चे बीते दो सालों से एक अस्थाई टीन शेड के नीचे बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं, जहाँ भीषण गर्मी, उमस और मूसलाधार बारिश के मौसम में उनका पढ़ाई करना दूभर हो जाता है। मरम्मत और नए भवनों के निर्माण के प्रस्ताव फाइलों में अटके होने के कारण बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों दांव पर लगी हुई हैं। इस स्थिति में सुधार के लिए जिला प्रशासन को सर्व शिक्षा अभियान या आपातकालीन फंड के जरिए तुरंत बजट स्वीकृत करने की सख्त जरूरत है। जब तक नए पक्के भवनों का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक बच्चों के लिए किसी सुरक्षित पंचायत भवन या किराए के पक्के मकान में वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि उनके जीवन को खतरे में डाले बिना पढ़ाई जारी रखी जा सके।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi

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