नई दिल्ली। दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र (टीइसी), दूरसंचार विभाग (डीओटी), संचार मंत्रालय, भारत सरकार ने भारत मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 के साथ कृषि-खाद्य प्रणालियों (जीआई-एआई4एफएस) के लिए एआई पर संयुक्त राष्ट्र वैश्विक पहल की दूसरी बैठक की मेजबानी की। यह बैठक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की गई थी। जीआई-एआई4एफएस संयुक्त राष्ट्र की एक वैश्विक पहल है, जिसे अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) द्वारा खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ), अंतर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष (आईएफएडी) और विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के निकट सहयोग से समन्वित किया जाता है। बैठक में कृषि पद्धतियों को बदलने और कृषि-खाद्य प्रणालियों को मजबूत करने में एआई, 'इंटरनेट ऑफ थिंग्स' और डिजिटल कनेक्टिविटी की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला गया। कनेक्टेड सेंसर, मौसम केंद्र, ड्रोन, उपग्रह-आधारित प्रणालियों और एआई-सक्षम विश्लेषण का एकीकरण सटीक कृषि में मदद कर सकता है, संसाधनों के उपयोग में सुधार कर सकता है, फसल रोगों का शीघ्र पता लगाने में सक्षम बना सकता है और किसानों को सूझबूझ भरे निर्णय लेने में मदद कर सकता है। डिजिटल प्रौद्योगिकियां ट्रैसेबिलिटी (उत्पादों के स्रोत का पता लगाने की क्षमता) में सुधार करने, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और कृषि आपूर्ति श्रृंखलाओं में दक्षता बढ़ाने के अवसर भी प्रदान करती हैं। बैठक से पहले 8–9 अक्टूबर 2026 को 'कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए एआई' पर 2-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हैकाथॉन का आयोजन किया गया था, जिसे आईसीएआर परिसर, नई दिल्ली में टीईसी, दूरसंचार विभाग और आईसीएआर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया था। इस हैकाथॉन ने छात्रों, शोधकर्ताओं, डेवलपर्स और नवप्रवर्तकों को कृषि और खाद्य प्रणालियों में वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करने वाले व्यावहारिक तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए एक सहयोगी मंच प्रदान किया। बैठक में जीआई-एआई4एफएस के शासन ढांचे और संगठनात्मक विकास पर भी चर्चा की गई। कार्यसूची में प्रस्तावित शासन व समन्वय संरचना पर विचार-विमर्श, कार्य समूहों के अध्यक्षों, सह-अध्यक्षों एवं सदस्यों का नामांकन और पुष्टि, कार्य समूहों के कामकाज के दायरे तथा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों एवं शुरुआती कार्यों की पहचान शामिल थी। कुल मिलाकर, जीआई-एआई4एफएस की इस दूसरी बैठक ने भरोसेमंद और परस्पर-संचालनीय किसान-केंद्रित एआई समाधानों को बढ़ावा देकर, शासन व मानकों पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करके और नवाचार को व्यावहारिक अनुप्रयोगों में बदलने के अवसरों की पहचान करके कृषि और खाद्य प्रणालियों में एआई के जिम्मेदार उपयोग पर संवाद को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।मान्यता देने के साथ-साथ एक पुरस्कार वितरण समारोह भी शामिल था, जिसमें भाग लेने वाली टीमों, भागीदारों, मार्गदर्शकों और अन्य योगदानकर्ताओं के योगदान की सराहना की गई।
Madhya Bharat
10 October 2026