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भोपाल। किसानों को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा है। कहा अन्नदाता आज कम बारिश, सूखती फसल, सिंचाई और बिजली संकट तथा मंडियों में फसलों के उचित दाम नहीं मिलने की दोहरी मार झेल रहा है। सरकार समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को रोकने के लिए पुलिसिया किलेबंदी की तैयारी कर रही है। सरकार किसानों को रोकने की रणनीति बना रही । उन्होंने कहा कि दिल्ली किसान आंदोलन के दौरान अपनाई गई रणनीतियों का अध्ययन कर इंटेलिजेंस स्तर पर रिपोर्ट तैयार की गई है। भोपाल के 16 प्रमुख एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स को चिन्हित कर कंक्रीट ब्लॉक, कंटेनर, कंटीले तार, अस्थायी बैरिकेडिंग और कंटेनमेंट जोन बनाने की तैयारी की जा रही है।उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों के लिए 16 एंट्री प्वाइंट्स पर बैरिकेडिंग नहीं, बल्कि 16 संभाग स्तरीय किसान समाधान केंद्र बनाने चाहिए थे। किसान अपनी समस्या लेकर राजधानी आए तो सरकार को उसकी बात सुननी चाहिए, न कि उसे रोकने की रणनीति बनानी चाहिए।
उन्होंने कहा विधानसभा रिकॉर्ड के अनुसार संजय सरोवर परियोजना की करीब 40 वर्ष पुरानी कच्ची नहरें क्षतिग्रस्त हैं। वहीं पेंच व्यपवर्तन परियोजना के टेल एंड तक पानी पहुंचाने की समय-सीमा नवंबर 2027 बताई जा रही है।किसान को आज पानी चाहिए और सरकार 2027 की तारीख बता रही है। यह किसानों के साथ संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।उन्होंने कहा कि सरकार ने 3 से 17 अक्टूबर 2026 तक भावांतर योजना के लिए पंजीयन की व्यवस्था की है, लेकिन यह केवल कागजी प्रक्रिया बनकर नहीं रहनी चाहिए।
कांग्रेस की सरकार से पांच प्रमुख मांगें
1. विशेष गिरदावरी सर्वे:
कम बारिश और फसल नुकसान वाले 30 जिलों में तत्काल विशेष गिरदावरी कराई जाए और किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
2. MSP की प्रभावी गारंटी:
सोयाबीन सहित सभी प्रमुख फसलों के लिए घोषित MSP सुनिश्चित किया जाए ।
3. रबी सिंचाई के लिए जल नीति:
सभी प्रमुख बांधों और नहरों से रबी फसलों के लिए पानी छोड़ने का स्पष्ट रोस्टर सार्वजनिक किया जाए।
4. किसानों को पर्याप्त कृषि बिजली:
रबी सीजन में खराब और जले हुए ट्रांसफार्मरों को 48 घंटे के भीतर बदला जाए तथा कृषि फीडरों पर न्यूनतम 10 से 12 घंटे थ्री-फेज बिजली उपलब्ध कराई जाए।
5. किसान विरोधी कंटेनमेंट प्लान रद्द हो:
किसानों के शांतिपूर्ण आंदोलन और राजधानी में प्रवेश को रोकने के लिए प्रस्तावित बैरिकेडिंग और कंटेनमेंट जोन की योजना तत्काल रद्द की जाए।
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