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छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य नियम-2026 के तहत धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया तय कर दी गई है। अब धर्म बदलने वाले व्यक्ति को प्रस्तावित तारीख से कम से कम 90 दिन पहले कलेक्टर को लिखित घोषणा देनी होगी। वहीं मूल या पैतृक धर्म में वापसी के लिए प्रक्रिया 15 दिन में पूरी करने का प्रावधान है और इसमें तीसरे पक्ष की सहमति जरूरी नहीं होगी। हर धर्मांतरण का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखा जाएगा। अंतरधार्मिक विवाह में धर्म परिवर्तन होने पर भी प्रस्तावित विवाह से 60 दिन पहले कलेक्टर को सूचना देनी होगी। प्रशासन सूचना को ऑनलाइन पोर्टल और नोटिस बोर्ड पर जारी करेगा, जिसके बाद 30 दिन तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं की राय को भी धर्मांतरण से जुड़ी शिकायतों और जांच में महत्व दिया गया है।
नए नियमों के तहत धर्मांतरण कराने वाले धर्मगुरुओं और आयोजकों पर भी निगरानी रखी जाएगी। धर्मांतरण की सुविधा देने वाली संस्थाओं को 30 दिन पहले पंजीकरण कराना होगा, जो 5 साल तक वैध रहेगा। अवैध धर्मांतरण के लिए अलग-अलग परिस्थितियों के आधार पर 7 साल से लेकर आजीवन कारावास और लाखों रुपए के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नाबालिग, महिला, SC-ST के धर्मांतरण और सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में सजा अधिक कड़ी होगी। भय, प्रलोभन या आर्थिक लाभ के जरिए धर्मांतरण कराने पर भी सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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