मध्य प्रदेश में कमजोर मानसून से बढ़ी चिंता, 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश
मध्य प्रदेश में इस बार मानसून उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं हो पाया है। अगस्त का पहला सप्ताह बीतने के बावजूद प्रदेश में अब तक औसतन 16.3 इंच बारिश दर्ज हुई है, जो सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम है। राज्य के 55 में से 49 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि केवल छह जिलों में औसत से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग के अधिकांश जिलों में बारिश की कमी से हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
कम बारिश का सबसे अधिक असर खरीफ फसलों पर पड़ रहा है। सोयाबीन, धान, मक्का और दलहनी फसलों वाले क्षेत्रों में खेतों की नमी तेजी से घट रही है, जिससे फसलों की बढ़वार प्रभावित होने लगी है। किसानों को अगस्त में अच्छी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन मानसून की धीमी रफ्तार ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों की बारिश खेती और जलस्रोतों की स्थिति सुधारने के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।