छत्तीसगढ़ में पहली बार तालाबों का हेल्थ कार्ड: हर पांच में एक तालाब प्रदूषित, सुधार की बनेगी योजना
छत्तीसगढ़ में पहली बार तालाबों का हेल्थ कार्ड तैयार करने के लिए की जा रही वैज्ञानिक जांच में शुरुआती रिपोर्ट चिंताजनक सामने आई है। राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सभी 33 जिलों के पांच-पांच तालाबों की जांच की जा रही है। अब तक तैयार रिपोर्ट में करीब 20 फीसदी तालाब प्रदूषित पाए गए हैं। जांच में सामने आया है कि प्लास्टिक कचरा और खेतों से बहकर आने वाले रासायनिक उर्वरक तालाबों के पानी को दूषित बना रहे हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर प्रदूषित जलाशयों के संरक्षण और सुधार की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
वैज्ञानिक जांच में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD), केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (COD), डिजॉल्व्ड ऑक्सीजन, टोटल डिजॉल्व्ड सॉलिड्स (TDS) और पीएच स्तर जैसे मानकों की जांच की जा रही है। जिन तालाबों का पानी स्वच्छ पाया जाएगा, उन्हें अधिसूचित कर वेटलैंड नियम लागू किए जाएंगे। इसके तहत तालाब की सीमा से 50 मीटर के भीतर अवैध निर्माण हटाए जा सकेंगे। फिलहाल नगर निगम क्षेत्रों के तालाब जांच के दायरे से बाहर हैं और उनकी जांच संबंधित एनओसी मिलने के बाद शुरू की जाएगी।