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राज्य सरकार ने सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत जानकारी देने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव विकास शील ने सभी विभागों को निर्देश जारी कर कहा है कि राज्य सूचना आयोग के नोटिस, आदेश और पत्राचार का समयबद्ध जवाब देना अनिवार्य होगा। आयोग के नोटिस की अनदेखी, सुनवाई में अनुपस्थित रहने या आदेशों का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सभी जन सूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को आरटीआई आवेदन एवं अपीलों का निर्धारित समय-सीमा में निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने आरटीआई से जुड़े सभी मामलों को विभागीय स्तर पर सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा है। यह फैसला राज्य सूचना आयोग द्वारा बलौदाबाजार के एक मामले में अधिकारियों की लापरवाही पर जताई गई आपत्ति के बाद लिया गया। आयोग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में सूचना देने में लापरवाही और गलत जानकारी देने जैसे मामलों में 639 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई, जिनमें सबसे अधिक 486 मामले पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े थे। इसके अलावा वन एवं जलवायु परिवर्तन, राजस्व, नगरीय प्रशासन और वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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