आदिवासी विकास योजनाओं में मिली-जुली तस्वीर, सड़क और छात्रावास निर्माण में पिछड़ा मध्य प्रदेश
केंद्र सरकार की 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत मध्य प्रदेश को वर्ष 2026-27 में देश में सबसे अधिक 308.65 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है। राज्य में नल-जल योजना, ग्रामीण आवास, एलपीजी वितरण, मत्स्य पालन और पशुधन विकास जैसे क्षेत्रों में संतोषजनक प्रगति दर्ज की गई है। 11,309 लक्षित गांवों में से 6,112 गांवों (54.05%) तक नल-जल सुविधा पहुंच चुकी है, जो राष्ट्रीय औसत 47 प्रतिशत से बेहतर है। वहीं, ग्रामीण आवास योजना के तहत स्वीकृत 3.68 लाख मकानों में से 1.52 लाख (41.34%) मकान बनकर तैयार हो चुके हैं।
हालांकि, सड़क निर्माण, मोबाइल नेटवर्क विस्तार और जनजातीय छात्रावासों के निर्माण में प्रदेश का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, स्वीकृत 913 किलोमीटर सड़कों के बावजूद अब तक एक किलोमीटर सड़क का भी निर्माण नहीं हो सका है। वहीं, जनजातीय छात्रावास निर्माण की दिशा में भी अपेक्षित प्रगति नहीं दिखी। संसद में पेश आंकड़ों से स्पष्ट है कि पर्याप्त बजट मिलने के बावजूद कई महत्वपूर्ण बुनियादी परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है।