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सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए पुलिस लाठीचार्ज से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और केवल प्रदर्शन के आधार पर पुलिस की बर्बरता या अत्यधिक बल प्रयोग को उचित नहीं ठहराया जा सकता। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले भी गंभीर चिंता का विषय हैं। अदालत ने सरकार से जवाब तलब करते हुए सभी संबंधित याचिकाओं पर मंगलवार को संयुक्त सुनवाई करने का फैसला किया।
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि NEET पेपर लीक और तत्कालीन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक निकाले गए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई बार झड़प हुई थी। बैरिकेड तोड़ने और संसद की ओर बढ़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे। इस घटनाक्रम में 100 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा किया गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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