5 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे, लेकिन 900 से ज्यादा फैकल्टी पद खाली
छत्तीसगढ़ में सरकार इस साल पांच नए सरकारी और एक निजी मेडिकल कॉलेज शुरू करने जा रही है, लेकिन मेडिकल शिक्षा में फैकल्टी की भारी कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 900 से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जिनमें 121 प्रोफेसर, 200 से ज्यादा एसोसिएट प्रोफेसर और 600 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर व सीनियर रेजीडेंट के पद शामिल हैं। नए कॉलेजों के विस्तार के बावजूद पुराने संस्थानों में ही पर्याप्त फैकल्टी उपलब्ध नहीं है, जिससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
फैकल्टी की कमी दूर करने के प्रयास भी अपेक्षित परिणाम नहीं दे रहे हैं। नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 35 प्रोफेसरों की भर्ती निकाली गई, लेकिन केवल सात आवेदन मिले। वहीं, पदोन्नति देकर भेजे गए चार डॉक्टरों ने नई पोस्टिंग जॉइन नहीं की और एक डॉक्टर ने वीआरएस के लिए आवेदन कर दिया। पिछले दो वर्षों में रायपुर, दुर्ग और राजनांदगांव के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से करीब 70 संविदा डॉक्टर नौकरी छोड़कर निजी मेडिकल कॉलेजों में चले गए हैं। ऐसे में नए कॉलेज खुलने के बावजूद योग्य शिक्षकों की कमी मेडिकल शिक्षा के विस्तार के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।