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छत्तीसगढ़ में जीएसटी विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से करीब 3,000 ऐसे कारोबारियों, संस्थानों और कंपनियों की पहचान की है, जो जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद भी उसी नंबर से कारोबार कर रहे थे। विभाग के अनुसार ये कारोबारी न तो जीएसटी रिटर्न दाखिल कर रहे थे और न ही टैक्स जमा कर रहे थे। सरकारी भुगतान और कैंसिल जीएसटी नंबरों के डेटा का AI के जरिए मिलान करने पर इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। शुरुआती जांच में कंस्ट्रक्शन, बिल्डिंग मटेरियल, बिजली उपकरण, फर्नीचर और सप्लाई कारोबार से जुड़े मामलों की संख्या सबसे अधिक मिली है।
जीएसटी विभाग का कहना है कि कई कारोबारी टैक्स बचाने के लिए पहले अपना जीएसटी पंजीयन रद्द करा देते हैं, लेकिन बाद में उसी पुराने नंबर और बिलों का इस्तेमाल कर कारोबार जारी रखते हैं। विभाग ने ऐसे सभी मामलों में नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बकाया टैक्स और जुर्माना वसूला जाएगा तथा जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। विभाग ने कारोबारियों से समय पर रिटर्न दाखिल करने और वैध तरीके से कारोबार करने की अपील की है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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