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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 'सेकेंड क्लास पैसेंजर' जैसे शब्दों का इस्तेमाल यात्रियों के लिए नहीं होना चाहिए, क्योंकि 'सेकेंड क्लास' केवल रेलवे कोच की श्रेणी है, व्यक्ति की नहीं। कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल का फैसला पलटते हुए 2015 के ट्रेन हादसे में मृत चंद्रकांत ठक्कर के परिवार को 8 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल टिकट बरामद न होने के आधार पर किसी मृतक को वैध यात्री मानने से इनकार नहीं किया जा सकता।
जस्टिस संजय करोल और एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने केंद्र सरकार को चार सप्ताह के भीतर मुआवजा देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि रेलवे दुर्घटना मुआवजा कानून एक कल्याणकारी कानून है, इसलिए इसकी उदार व्याख्या की जानी चाहिए। साथ ही अदालत ने यात्रियों से सुरक्षित यात्रा के दौरान सावधानी बरतने, रेलवे को भीड़ प्रबंधन मजबूत करने और पर्याप्त स्टाफ नियुक्त कर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनाने की भी सलाह दी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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