2029 तक लागू हो सकता है 'वन नेशन, वन इलेक्शन', JPC अंतिम रिपोर्ट की तैयारी में
'वन नेशन, वन इलेक्शन' को 2029 के लोकसभा चुनावों तक लागू करने की दिशा में संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) तेजी से काम कर रही है। समिति के अध्यक्ष पी.पी. चौधरी के अनुसार, अब तक परामर्श प्रक्रिया में शामिल करीब 99 प्रतिशत लोगों और संगठनों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। समिति गोवा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विशेषज्ञों और विभिन्न पक्षों से सुझाव ले रही है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों का असर छोटे राज्यों से लेकर पूरे देश के प्रशासन और विकास कार्यों पर पड़ता है। समिति का अगला दौरा लखनऊ होगा और 17 जुलाई को रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर संसद में पेश किए जाने की तैयारी है।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' का उद्देश्य लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराना है। इसके लिए संविधान के कई प्रावधानों में संशोधन की आवश्यकता होगी, जिसके लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत और कम से कम आधे राज्यों की मंजूरी जरूरी होगी। प्रस्ताव के अनुसार, जिन राज्यों का कार्यकाल 2029 के बाद तक रहेगा, उनके कार्यकाल में बदलाव कर उन्हें साझा चुनावी चक्र से जोड़ा जा सकता है। वहीं, जिन राज्यों का कार्यकाल पहले समाप्त होगा, वहां अंतरिम व्यवस्था या सीमित अवधि के लिए चुनाव कराने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। यदि किसी सरकार का कार्यकाल बीच में समाप्त होता है, तो प्रस्ताव के तहत केवल शेष अवधि के लिए ही चुनाव कराने का प्रावधान रखा गया है, ताकि राष्ट्रीय चुनावी चक्र प्रभावित न हो।