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वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 लागू होने के बाद मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने नए प्रावधानों के अनुसार वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन कर सदस्यों की नियुक्ति की है। नए कानून के तहत पहली बार वक्फ बोर्ड में दो हिंदू सदस्यों को भी शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने इंदौर के मनोज मालपानी और गुना जिले के राघवगढ़ निवासी अनिमेष भार्गव को बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।
नए वक्फ बोर्ड में अध्यक्ष डॉ. सनव्वर पटेल के अलावा नजमा हेपतुल्ला, भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील, उज्जैन के फैजान खान, इंदौर की फातिमा चौधरी, बैरसिया की पार्षद शाइस्ता सुल्तान और रतलाम की पार्षद शबाना खान को भी सदस्य बनाया गया है। वक्फ बोर्ड में कुल 11 सदस्यों का प्रावधान है, जिनमें कुछ पदेन सदस्य भी शामिल होते हैं। फिलहाल मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के चुनाव जारी होने के कारण उसके अध्यक्ष का पद रिक्त है। चुनाव के बाद बार काउंसिल के अध्यक्ष को भी बोर्ड में शामिल किया जाएगा।
वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 का उद्देश्य वक्फ बोर्डों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाना, महिलाओं और गैर-मुस्लिम सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित करना तथा वक्फ संपत्तियों के डिजिटल पंजीकरण को बढ़ावा देना है। इसी उद्देश्य के तहत नए प्रावधान लागू किए गए हैं और मध्य प्रदेश इस व्यवस्था को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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