भोपाल में कोचिंग सेंटरों पर प्रशासन सख्त, फायर सेफ्टी खामियों पर कार्रवाई की तैयारी
लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद भोपाल में नगर निगम और जिला प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान शुरू किया है। शहर के प्रमुख शैक्षणिक क्षेत्र एमपी नगर, कोलार और बैरागढ़ में किए गए निरीक्षण के दौरान 40 से अधिक कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किए गए हैं। जांच में फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी, आवश्यक दस्तावेजों की कमी और सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर खामियां सामने आई हैं।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कई संस्थानों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) या तो उपलब्ध नहीं थे या फिर सामान रखकर अवरुद्ध कर दिए गए थे। इसके अलावा कई कोचिंग सेंटरों के पास वैध फायर एनओसी नहीं मिली, जबकि कुछ स्थानों पर अग्निशमन यंत्रों की वैधता समाप्त हो चुकी थी और इमरजेंसी अलार्म भी काम नहीं कर रहे थे। ऐसे संस्थानों के खिलाफ सीलिंग सहित अन्य कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। चर्चा में आए Physics Wallah सहित कुछ बड़े कोचिंग संस्थान भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों को नोटिस दिया गया है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर दुरुस्त करना होगा और सभी वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। शर्तों का पालन करने और शपथ पत्र देने के बाद ही सील किए गए संस्थानों को दोबारा संचालन की अनुमति मिल सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।