शिक्षकों के तबादलों में बड़ी राहत, मैरिज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता समाप्त
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने स्वैच्छिक तबादला प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र (मैरिज सर्टिफिकेट) जमा करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। अब पति-पत्नी के आधार पर तबादला चाहने वाले शिक्षक मैरिज सर्टिफिकेट के स्थान पर समग्र आईडी, सत्यापित सर्विस बुक की प्रति या अन्य उपयुक्त दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे। इस संबंध में लोक शिक्षण आयुक्त Abhishek Singh ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
यह निर्णय उन हजारों शिक्षकों के लिए राहत लेकर आया है, जिनके पास विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं था और वे तबादले के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे। 6 जून को जारी तबादला नीति में मैरिज सर्टिफिकेट की अनिवार्यता का उल्लेख नहीं था, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर इसे अपलोड करना आवश्यक बताया जा रहा था। इससे शिक्षकों में भ्रम और असंतोष की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसके बाद विभाग ने नियमों को स्पष्ट करते हुए संशोधित आदेश जारी किया।
हालांकि, इस राहत के बावजूद तबादला प्रक्रिया में कई अन्य समस्याएं बनी हुई हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की शर्त, जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों पर प्रतिबंध और न्यूनतम तीन वर्ष की सेवा अवधि जैसी शर्तों के कारण बड़ी संख्या में शिक्षक आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। वहीं दिव्यांग और गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को भी पोर्टल की तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि कई मामलों में स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं। इससे तबादला प्रक्रिया को और अधिक सरल तथा व्यावहारिक बनाने की मांग तेज हो गई है।
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