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कोरोना महामारी के दौरान बिगड़ा NEET PG परीक्षा और प्रवेश का शेड्यूल अब तक सामान्य नहीं हो पाया है। पहले जनवरी से मार्च के बीच आयोजित होने वाली परीक्षा अब अगस्त में हो रही है, जिससे मेडिकल कॉलेजों में पीजी छात्रों की एंट्री में लगातार देरी हो रही है। इस वर्ष NEET PG परीक्षा 30 अगस्त को प्रस्तावित है और काउंसलिंग नवंबर-दिसंबर में होने की संभावना है, जिसका असर छत्तीसगढ़ सहित देश के कई मेडिकल कॉलेजों पर पड़ेगा।
परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया में देरी के कारण नए जूनियर डॉक्टर समय पर अस्पतालों में नहीं पहुंच पा रहे हैं। पीजी छात्र रेजिडेंट डॉक्टर, हाउस डॉक्टर और जूनियर डॉक्टर के रूप में मरीजों के इलाज, ऑपरेशन और अस्पताल की दैनिक व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी कमी से वरिष्ठ डॉक्टरों और मौजूदा मेडिकल स्टाफ पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि NEET PG के शेड्यूल को जल्द सामान्य करना जरूरी है ताकि मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच संतुलन बना रहे। वहीं, छत्तीसगढ़ में पीजी की 40 से अधिक नई सीटें बढ़ने की संभावना है, जिससे भविष्य में छात्रों को अधिक अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, नॉन-क्लीनिकल विषयों में छात्रों की घटती रुचि भी एक चुनौती बनी हुई है, क्योंकि पिछले वर्ष इन विभागों की 74 सीटें खाली रह गई थीं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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