Since: 23-09-2009
NEET री-एग्जाम से पहले देश के अलग-अलग राज्यों से छात्रों की मौत के कई मामले सामने आने के बाद परीक्षा व्यवस्था और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। तमिलनाडु के कोयंबटूर में 19 वर्षीय NEET अभ्यर्थी अनुकीर्तना की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, वह परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा को लेकर तनाव में थी। वहीं, गुजरात के अहमदाबाद में 17 वर्षीय एक अन्य NEET छात्र की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है, जिसकी जांच जारी है।
पिछले दो दिनों में NEET अभ्यर्थियों की मौत के चार मामले सामने आए हैं। इससे पहले देहरादून और लखनऊ में भी दो छात्रों की मौत की खबरें आई थीं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने और 21 जून को प्रस्तावित री-एग्जाम के बाद कई छात्र और उनके परिवार अनिश्चितता और दबाव का सामना कर रहे हैं। कोयंबटूर की छात्रा के परिवार ने परीक्षा प्रणाली और कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही की मांग की है।
NEET-UG 2026 की मूल परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद National Testing Agency (NTA) ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया। NEET देशभर के मेडिकल, डेंटल, आयुष और अन्य स्वास्थ्य शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश का प्रमुख माध्यम है, जिसके जरिए एक लाख से अधिक सीटों पर दाखिला होता है। छात्रों की हालिया मौतों के बाद परीक्षा प्रणाली, पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर व्यापक बहस तेज हो गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |