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मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने NEET-UG री-एग्जाम से पहले लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। केंद्र सरकार के निर्देश पर यह रोक 22 जून 2026 तक लागू की गई है, जबकि टेलीग्राम के मैसेज-एडिटिंग फीचर पर 30 जून तक प्रतिबंध रहेगा। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। टेलीग्राम के CEO ने फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि इससे पेपर लीक करने वालों के बजाय भारत के 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित हुए हैं।
सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का कहना है कि टेलीग्राम का इस्तेमाल परीक्षा से जुड़े फर्जी पेपर लीक, अफवाह फैलाने और छात्रों से ठगी करने के लिए किया जा रहा था। इसी कारण अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया। सरकारी आदेश के बाद गूगल और एप्पल ने भी अपने ऐप स्टोर से टेलीग्राम को हटा दिया है। NTA के अनुसार, प्लेटफॉर्म के कुछ फीचर्स, जैसे असीमित सदस्यों वाले चैनल, मैसेज एडिटिंग और 2GB तक की बड़ी फाइल शेयरिंग, परीक्षा संबंधी सामग्री के दुरुपयोग का माध्यम बन रहे थे।
टेलीग्राम का दावा है कि वह अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करता रहा है और 2025 में करोड़ों चैनलों को ब्लॉक किया गया था। हालांकि सरकार का मानना है कि यह प्रयास पर्याप्त नहीं थे। अधिकारियों के अनुसार, टेलीग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म के बीच तकनीकी और नियामकीय अंतर को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई और उसके फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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