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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रभाव की खुलकर तारीफ की है। कैनबरा में संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत इस दशक में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए बड़ा अवसर है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी को भारत को सच में समझना है, तो उसे बस या ट्रेन से यात्रा करनी चाहिए, क्योंकि वहीं भारत की असली ऊर्जा और विविधता दिखाई देती है।
अल्बनीज ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को बेहद अहम बताते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया सिर्फ प्रशांत महासागर का नहीं, बल्कि हिंद महासागर का भी देश है, इसलिए भारत उसके रणनीतिक और आर्थिक साझेदारों में सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने 2022 के आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को नई मजबूती मिली है। शिक्षा, संस्कृति और क्रिकेट को भी उन्होंने दोनों देशों को जोड़ने वाला मजबूत पुल बताया।
ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी GCHQ ने दावा किया है कि रूस-यूक्रेन युद्ध में अब तक करीब पांच लाख रूसी सैनिक मारे जा चुके हैं। एजेंसी प्रमुख ऐनी कीस्ट-बटलर ने अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में यह आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि रूस केवल युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि ब्रिटेन और NATO देशों के खिलाफ साइबर हमलों, जासूसी और तोड़फोड़ की गतिविधियों में भी शामिल है। हालांकि रूस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
इस बीच Volodymyr Zelenskyy पहले ही कह चुके हैं कि युद्ध में यूक्रेन के 55 हजार से अधिक सैनिक मारे गए हैं। वहीं BBC और स्वतंत्र शोधकर्ताओं ने भी दो लाख से ज्यादा रूसी सैनिकों की मौत की पुष्टि की है। युद्ध लगातार लंबा खिंचता जा रहा है और इससे यूरोप की सुरक्षा राजनीति पर गहरा असर पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री Narendra Modi अगले महीने फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर जाएंगे। वह फ्रांस में होने वाले 52वें G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और यूक्रेन-पश्चिम एशिया संघर्ष जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने भारत को विशेष साझेदार देश के रूप में आमंत्रित किया है।
फ्रांस दौरे के बाद पीएम मोदी स्लोवाकिया जाएंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक स्लोवाकिया यात्रा होगी। दोनों देशों के बीच ऑटोमोबाइल, रक्षा, अंतरिक्ष तकनीक, एआई और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर रहेगा। स्लोवाकिया को यूरोप का “डेट्रॉइट” भी कहा जाता है, क्योंकि वहां हर साल करीब 10 लाख कारों का निर्माण होता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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