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Shivraj Singh Chouhan ने प्रधानमंत्रीNarendra Modi के साथ अपने 35 वर्षों के अनुभवों पर आधारित किताब ‘अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ में कई भावुक और दिलचस्प किस्सों का जिक्र किया है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में इस पुस्तक का विमोचन पूर्व प्रधानमंत्रीH. D. Deve Gowda और पूर्व उपराष्ट्रपतिM. Venkaiah Naidu ने किया। किताब में शिवराज ने 2023 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान अपने राजनीतिक जीवन के सबसे कठिन दौर का भी उल्लेख किया है।
शिवराज सिंह चौहान लिखते हैं कि जब भाजपा की पहली सूची में उनका नाम नहीं आया और विपक्ष ने उनके बयान “यदि हम चले जाएंगे तो याद बहुत आएंगे” को राजनीतिक अंत से जोड़कर प्रचारित करना शुरू किया, तब वे मानसिक रूप से बेहद दबाव में थे। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोन आया। किताब के मुताबिक मोदी ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री से बात नहीं कर रहा, मैं अपने शिवराज से बात कर रहा हूं।” शिवराज के अनुसार, प्रधानमंत्री ने उस समय राजनीति नहीं बल्कि उनके मनोबल और आत्मविश्वास की चिंता की। उन्होंने सलाह दी कि कुछ समय एकांत में बिताकर आत्ममंथन करें और मन को शांत रखें।
किताब में बताया गया है कि प्रधानमंत्री की इस आत्मीय बातचीत ने उनका आत्मविश्वास फिर से मजबूत कर दिया। इसके बाद शिवराज उत्तराखंड गए, जहां उन्होंने गंगा तट पर आत्मचिंतन किया और नई ऊर्जा के साथ लौटे। लौटने के बाद उन्होंने लगातार चुनाव प्रचार किया और महज 13-14 दिनों में 165 से अधिक सभाएं कीं। शिवराज ने अपनी पुस्तक में प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकर्ताओं के प्रति लगाव, संगठन के प्रति समर्पण और कठिन समय में साथ खड़े रहने की भावना को खास तौर पर रेखांकित किया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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