Since: 23-09-2009

  Latest News :
मेसर्स जीआरएसई, कोलकाता में अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (यार्ड 3040, श्रेयस) का लॉन्च.   कृषि-खाद्य प्रणालियों के लिए एआई (जीआई-एआई4एफएस) पर वैश्विक पहल की दूसरी बैठक नई दिल्ली में आईएमसी 2026 में आयोजित की गई.   डाक विभाग और ब्लू डार्ट एक्सप्रेस लिमिटेड के बीच देशभर में इंडिया पोस्ट पार्सल सेवाओं के लिए समझौता.   दिल्ली की ओर मप्र से जाने वाली कई ट्रेनें रद्द, यात्री परेशान.   केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारत के समुद्री भविष्य के केंद्र में वैश्विक साझेदारी, युवाओं और महिलाओं को रखा है.   केंद्रीय मंत्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रांची स्थित ICAR-IIAB की सुविधाओं का किया उद्घाटन.   नारी सम्मान पर कांग्रेस का दोहरा चरित्र उजागर, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे जवाब दें.   27 % आरक्षण OBC समाज का हक है, लेकिन भाजपा सरकार ने उनकी पीठ में छुरा भौंकने का काम किया है: उमंग सिंघार.   अशोकनगर में पारेषण व्यवस्था हुई और अधिक विश्वसनीय: ऊर्जा मंत्री तोमर.   ट्रैवल मार्ट के अंतर्गत कुल 149 विशिष्ट प्रतिनिधियों ने विभिन्न गतिविधियों के लिए सहभागिता दर्ज की.   मुख्यमंत्री डॉ. यादव 11 अक्टूबर को करेंगे 502 करोड़ रुपये की आरटीई फीस प्रतिपूर्ति राशि अंतरित.   वन और वन्य जीव केवल प्राकृतिक संपदा ही नहीं, अमूल्य विरासत भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव.   दीपावली से पहले शहर को कचरामुक्त करें, सेवाओं में देरी बर्दाश्त नहीं : सोनमणि बोरा.   वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा: अंबिकापुर के संजय पार्क में खुलेगा अत्याधुनिक ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर.   गन्ना किसानों के हित में बड़ा निर्णय: अब 425 रुपए प्रति क्विंटल की दर से होगी गन्ने की खरीदी.   खेल प्रतिभाओं को अवसर और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता, खेल विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान.   युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण, रोजगार के खुलेंगे नए अवसर.   मुख्यमंत्री साय की संवेदनशील पहल से 10 वर्षीय ऋतिक के इलाज के लिए 18 लाख रुपये स्वीकृत.  
रायपुर में गहराया जल संकट: 60% वार्ड प्रभावित, गर्मी में बढ़ी परेशानी
Raipur , faces water crisis: 60% wards affected, severe heat wave

छत्तीसगढ़ की राजधानीरायपुरमें भीषण गर्मी के बीच जल संकट गंभीर होता जा रहा है। शहर के डंगनिया, रायपुरा और शिवनगर जैसे इलाकों में जल स्तर तेजी से गिर गया है। कहीं पाइपलाइन लीकेज की समस्या है, तो कहीं कम प्रेशर के कारण पानी नहीं पहुंच पा रहा। शिवनगर में बोरवेल जल जाने से हालात और बिगड़ गए हैं, जिससे लोगों को पानी स्टोर करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, शहर के 70 वार्डों में से 60% से अधिक क्षेत्रों में बोरवेल खराब हो चुके हैं। इससे पहले पुरानी बस्ती, चंगोराभाठा, गुढ़ियारी और भनपुरी जैसे इलाकों में भी पानी की सप्लाई प्रभावित हो चुकी है। इन क्षेत्रों से सबसे ज्यादा पानी की मांग सामने आई है, हालांकि प्रशासन का कहना है कि जरूरतमंद इलाकों को प्राथमिकता दी जा रही है।

 

जल संकट के बीच रेन वॉटर हार्वेस्टिंग की अनदेखी भी बड़ी वजह बन रही है। नियम के बावजूद अधिकांश घरों में यह सिस्टम नहीं लगाया गया है, जिससे हर साल लाखों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग वर्षा जल संचयन को अपनाएं, तो काफी हद तक समस्या कम हो सकती है। फिलहाल, अधूरी योजनाओं और बढ़ती गर्मी के कारण शहर में पानी की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।

Priyanshi Chaturvedi 26 April 2026

Comments

Be First To Comment....
Video

Page Views

  • Last day : 8641
  • Last 7 days : 45219
  • Last 30 days : 64212


x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.