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‘ऑपरेशन के दौरान सेना को पूरी छूट’: जनरल नरवणे ने ‘जो उचित समझो, वो करो’ पर दी सफाई

पूर्व थल सेना प्रमुखManoj Mukund Naravane ने अपने उस बयान पर उठे विवाद पर सफाई दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन के दौरान सेना को “जो उचित समझो, वो करो” की छूट दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका गलत अर्थ निकाला गया है। उनके अनुसार यह वाक्य सेना के कार्य-ढांचे को दर्शाता है, जिसमें सरकार सेना पर पूरा भरोसा करके उसे आवश्यक निर्णय लेने की स्वतंत्रता देती है।

नरवणे ने कहा कि इस तरह की छूट का मतलब यह नहीं है कि कोई अनुशासनहीनता होती है, बल्कि यह ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी है, जो युद्ध या संघर्ष जैसी स्थितियों में बेहद जरूरी होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेना हमेशा राजनीतिक नेतृत्व के आदेशों के तहत ही काम करती है और हर कार्रवाई निर्धारित रणनीति के दायरे में होती है।

 

अपनी किताब‘फोर स्टार डेस्टिनी’ को लेकर भी उन्होंने स्थिति साफ की और कहा कि उन्होंने इसकी अंतिम प्रकाशित कॉपी तक नहीं देखी है। उनके मुताबिक किताब के प्रकाशन और प्रसार से जुड़ी कई बातें उनके नियंत्रण में नहीं थीं। साथ ही उन्होंने दोहराया कि भारतीय सेना पूरी तरह गैर-राजनीतिक संस्था है, जिसका काम केवल आदेशों का पालन करना है, न कि राजनीति में हस्तक्षेप करना।

Priyanshi Chaturvedi 25 April 2026

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