Since: 23-09-2009
उज्जैन में संन्यास को लेकर उठे विवाद के बीचHarsha Richharia ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने खिलाफ उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल से वे लगातार आलोचना और अपमान झेल रही हैं, लेकिन अब मानसिक रूप से मजबूत हो चुकी हैं। उन्होंने अपने संन्यास को ईश्वर की इच्छा बताते हुए कहा कि अगर यह उनके भाग्य में लिखा है, तो कोई इसे रोक नहीं सकता।
अपने बयान में उन्होंनेMeera Bai, Gautama Buddha औरSita जैसे उदाहरण देते हुए कहा कि हर युग में सत्य के मार्ग पर चलने वालों को विरोध और अपमान का सामना करना पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि विशेष रूप से महिलाओं को समाज में अधिक परीक्षा से गुजरना पड़ता है और उनका संन्यास भी उसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
Ujjain के मौनी तीर्थ आश्रम में दीक्षा लेने के बाद उनके संन्यास पर कुछ संतों ने आपत्ति जताई थी, जिस पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सनातन परंपरा में परिवर्तन संभव है औरValmiki जैसे उदाहरण इसका प्रमाण हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रसिद्धि के लिए उन्हें निशाना बना रहे हैं और संत समाज से अपील की कि वे युवाओं को धर्म से जोड़ने का काम करें, न कि विवादों से दूर करें।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved ©2026 MadhyaBharat News.
Created By:
Medha Innovation & Development |