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केंद्र सरकार ने महिलाओं को संसद में 33% आरक्षण देने वाले ‘महिला आरक्षण अधिनियम-2023’ को लागू कर दिया है। गुरुवार देर रात जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक यह कानून 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है। यह बिल पहले सितंबर 2023 में संसद के विशेष सत्र में पारित हुआ था। हालांकि इसके तहत आरक्षण का वास्तविक लाभ परिसीमन और जनगणना के बाद, यानी 2034 से लागू होने की संभावना जताई जा रही है।
लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा जारी है, जहां 2029 के चुनाव से ही आरक्षण लागू करने के लिए तीन संशोधन बिलों पर बहस हो रही है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि 50% आरक्षण देना है तो सीधे लागू किया जाए, इसके लिए परिसीमन की “नौटंकी” की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस पर सहमत है, लेकिन प्रक्रिया को जटिल बनाया जा रहा है।
विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया है कि जब संसद में इस विषय पर चर्चा जारी है, तो कानून को इतनी जल्दबाजी में लागू क्यों किया गया। वहीं सरकार का कहना है कि नोटिफिकेशन जारी करना उसका अधिकार है। इस बीच लोकसभा में दोपहर 3 बजे राहुल गांधी के संबोधन और उसके बाद अमित शाह के जवाब की तैयारी है, जबकि शाम 4 बजे बिलों पर वोटिंग होनी है। संसद परिसर में विपक्षी नेताओं की बैठक भी जारी है, जिसमें इस मुद्दे पर आगे की रणनीति बनाई जा रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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