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छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज विपक्ष ने उद्योगों को कम दर पर जमीन आवंटन और जंबूरी कार्यक्रम में अनियमितताओं को लेकर हंगामा किया। खल्लारी विधायक द्वारकाधीश यादव ने सवाल उठाया कि उद्योगपतियों को 253 एकड़ जमीन महज 4 लाख 82 हजार प्रति हेक्टेयर की दर पर 99 साल के लिए क्यों और किस नियम के तहत दी गई। इस पर उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने जवाब दिया कि राज्य सरकार नवीन ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सौर विद्युत परियोजनाओं के लिए जमीन आवंटित कर रही है। विपक्ष इस जवाब से संतुष्ट नहीं रहा और सदन में जोरदार हंगामा हुआ।
बालोद में आयोजित जंबूरी कार्यक्रम को लेकर राघवेंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि टेंडर से पहले काम कैसे शुरू हुआ और चार दिन में पूरा कैसे हुआ। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सवाल का जवाब शायरी के माध्यम से दिया, जिसमें उन्होंने नेशनल स्काउट गाइड कार्यक्रम और उनके अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए। राघवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी और काम पहले ही शुरू हो गया। इस पर विपक्ष असंतुष्ट रहा और अतिथि शिक्षकों के मुद्दे पर वॉकआउट किया।
सदन में विपक्ष ने कहा कि उद्योगों को कम दर पर जमीन देना और जंबूरी कार्यक्रम में टेंडर के पहले काम शुरू करना अस्वीकृत है। MLA सुशांत शुक्ला ने मजाक में टाल दिया, लेकिन राघवेंद्र सिंह ने मुद्दे को डायवर्ट होने से रोका। विपक्ष का कहना था कि मंत्री गुमराह कर रहे हैं और जांच की मांग की, जिसके चलते वॉकआउट किया गया। यह हंगामा यह दर्शाता है कि विधानसभा में औद्योगिक नीतियों और सरकारी कार्यक्रमों की पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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