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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यक्रम के बहिष्कार को लेकर टीएमसी सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के साथ समझौता करना न केवल उनके अपमान के बराबर है, बल्कि यह भारत के संविधान और लोकतंत्र की महान परंपरा का भी उल्लंघन है। पीएम मोदी ने बताया कि राष्ट्रपति आदिवासी समाज से आती हैं और उनका उद्देश्य हमेशा आदिवासी समुदाय के विकास और कल्याण के लिए काम करना रहा है, लेकिन राज्य सरकार ने कार्यक्रम में गंभीरता नहीं दिखाई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आयोजन को पूरी तरह अव्यवस्था में छोड़ दिया और यह केवल राष्ट्रपति का अपमान नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों का भी अनादर है। उन्होंने चेताया कि लोकतंत्र में राष्ट्रपति का पद सर्वोच्च सम्मान का प्रतीक होता है और किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर इसे सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। पीएम मोदी ने टीएमसी पर सत्ता के अहंकार में डूबे होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को कमजोर करती हैं।
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से विस्तृत जवाब तलब किया है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल, कार्यक्रम स्थल और मार्ग व्यवस्था के कथित उल्लंघन के लिए रविवार शाम 5 बजे तक जवाब मांगा गया है। केंद्र ने उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे वरिष्ठ अधिकारियों का स्वागत में उपस्थित न होना “ब्लू बुक” के नियमों का उल्लंघन है, जिसे गंभीरता से देखा जा रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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