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फ्री स्मार्ट मीटर का वादा टूटा, अब उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बिजली बिल का बोझ
promise, smart meters has been broken,consumers will now be burdened with electricity bills.

मध्यप्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। बिजली कंपनियों ने अब स्मार्ट मीटर लगाने का खर्च भी उपभोक्ताओं से वसूलने की तैयारी कर ली है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग को दिए गए प्रस्ताव में कंपनियों ने स्मार्ट मीटर से जुड़े खर्च, मेंटेनेंस और अन्य मदों के नाम पर 500 करोड़ रुपये की राशि शामिल की है। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो यह राशि बिजली टैरिफ में जोड़कर प्रति यूनिट दर में वसूली जाएगी, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।

 

भोपाल में अब तक लगभग तीन लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और इतने ही मीटर लगाए जाने बाकी हैं। पहले दावा किया गया था कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मुफ्त में उपलब्ध कराए जाएंगे। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी स्पष्ट कहा था कि इसके लिए कोई अलग से शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेकिन टैरिफ प्रस्ताव में शामिल भारी-भरकम खर्च इस दावे पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

 

बिजली कंपनियों ने 10.19 प्रतिशत दर वृद्धि का प्रस्ताव भी आयोग के समक्ष रखा है, जिस पर 24 से 26 फरवरी तक सुनवाई हुई। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को रियल टाइम बिजली खपत की जानकारी देता है और खर्च पर निगरानी रखने में मदद करता है। केंद्र सरकार की आईपीडीएस योजना के तहत देशभर में पारंपरिक मीटरों को स्मार्ट मीटर में बदला जा रहा है, लेकिन अब इसके खर्च को लेकर नई बहस छिड़ गई है।

Priyanshi Chaturvedi 2 March 2026

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