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राजधानी भोपाल में विभिन्न विभागों में लंबित कोर्ट प्रकरणों के प्रबंधन के लिए प्रशासन अब एआई आधारित लीगल कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के जरिए कलेक्ट्रेट से जुड़े करीब 150 मामलों सहित जिलेभर के सैकड़ों केस एक ही प्लेटफॉर्म पर मॉनिटर किए जाएंगे। जो विभाग अब तक मामलों को लंबित रखे हुए थे या प्रगति दर्ज नहीं कर रहे थे, वे इस सिस्टम के जरिए चिन्हित होंगे और जिम्मेदारी तय की जाएगी।
यह इंटीग्रेटेड केस मैनेजमेंट सिस्टम सभी संबंधित अधिकारियों को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराएगा, जहां केस की स्थिति, प्रगति और पेंडेंसी की विस्तृत रिपोर्ट देखी जा सकेगी। डेटा सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा और केवल अधिकृत अधिकारियों को ही एक्सेस मिलेगा। मेट्रो, नए आईएसबीटी, सड़क, ब्रिज और जमीन संबंधी विवादों सहित पेंशन प्रकरणों में भी इससे तेजी से निर्णय संभव होगा, जिससे ग्रामीण और शहरी विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि नई तकनीक से कोर्ट मामलों के निपटान में पारदर्शिता और तेजी आएगी। जिला समिति की बैठक में 600 लंबित प्रकरणों पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए कि स्वीकृत मामलों का वितरण एक सप्ताह में और शेष लंबित मामलों का निराकरण 15 दिनों में किया जाए। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि तय समयसीमा का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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