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इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार की रिपोर्ट पर उठे सवाल
 High Court, strict stance ,government

इंदौर में दूषित पानी से हो रही मौतों को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। कुल 5 जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। पिछली सुनवाई में सरकार की ओर से पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट में दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतों का जिक्र किया गया था, जबकि जमीनी हकीकत इससे कहीं ज्यादा गंभीर है। इस पर हाई कोर्ट ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए सरकार को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि अगर पीने का पानी ही दूषित है, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है और यह समस्या केवल एक इलाके तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे इंदौर की है।

मुख्य सचिव को पेश होने का आदेश, 15 जनवरी को अगली सुनवाई

हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को वर्चुअली पेश होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि वह इस मामले में सिर्फ मुख्य सचिव की बात सुनना चाहता है। साथ ही प्रशासन से कहा गया है कि जिस तरह कोरोना काल में मेडिकल बुलेटिन जारी होते थे, उसी तरह दूषित पानी से फैली बीमारी का भी नियमित अपडेट दिया जाए। अब तक दूषित पानी पीने से 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 110 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। कुल 421 मरीजों को अब तक भर्ती किया गया, जिनमें से 311 को छुट्टी मिल चुकी है और 15 मरीज आईसीयू में इलाजरत हैं। अब सबकी निगाहें 15 जनवरी की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां सरकार को इस गंभीर लापरवाही पर जवाब देना होगा।

MadhyaBharat 6 January 2026

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