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थाइलैंड में डूबे अंकित का भोपाल में हुआ अंतिम संस्कार
bhopal ,Ankit,  was cremated

भोपाल । भोपाल से कंपनी के टूर पर थाइलैंड गए शाहजहांनाबाद निवासी अंकित साहू का शव रविवार देर रात हमीदिया अस्पताल पहुंचा, जहां पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को छोला विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। पिता देवेन्द्र साहू और छोटा भाई पल्केश के साथ परिजनाें और परिचिताें ने बिलखते हुए अपने उसे अंतिम विदाई दी।


छोला विश्राम घाट पर अंकित के छोटे भाई पल्केश ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के समय चिता के पास बैठे अंकित के पिता देवेन्द्र साहू हाथ जोड़े रोते हुए ओम नमो भगवते, वासुदेवास का जाप करते रहे। उनकी आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे। मुखाग्नि देते वक्त अंकित का छोटा भाई पल्केश भी बेसुध हो गया। आसपास खडे़ लोगों ने उसे संभाला। पिता-पुत्र एक दूसरे को सांत्वना देते हुए नजर आए।

 

दरअसल अंकित और निकेश दोनों ही भोपाल के रहने वाले हैं और एक मेडिकल इक्विपमेंट कंपनी में काम करते थे। कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए एक ग्रुप टूर का आयोजन किया था, जिसमें वे दोनों 23 अक्टूबर को भोपाल से फुकेट घूमने गए थे। लेकिन वहां समुद्र तट पर नहाते समय तेज लहरें अंकित को बहाकर ले गईं। यह हादसा उनके परिवार और दोस्तों के लिए गहरा सदमा बन गया।

अंकित के ससुर विजय कुमार साहू का कहना है कि हादसे को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन कंपनी ने अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। उन्होंने कहा कि मैं पिछले सात दिनों से यही हूं, लेकिन न तो किसी ने बताया कि हादसा कैसे हुआ, न ही कंपनी से कोई संपर्क हुआ। हमारे पास अब तक उसके मोबाइल, डॉक्यूमेंट्स या समान तक नहीं आए। विजय कुमार ने मांग की है कि सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए।

अंकित के चाचा ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कंपनी के लोग अब फोन नहीं उठा रहे, न ही किसी ने परिवार से मिलने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि हमें कल दोपहर में सिर्फ यह बताया गया कि शव फ्लाइट से भेजा जा रहा है। अब वे कह रहे हैं कि केस क्लोज करना है। हम ऐसा नहीं होने देंगे, पुलिस केस करेंगे ताकि सच्चाई सामने आए।

 

परिवार का कहना है कि यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही का नतीजा भी हो सकता है। उनका आरोप है कि कंपनी पूरी कोशिश कर रही है कि मामला दबा दिया जाए। परिवार अब सरकार से मांग कर रहा है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए ताकि यह पता चल सके कि आखिर अंकित की मौत के पीछे की सच्चाई क्या है।

 
अंकित के साथ थाईलैंड गए सहयोगी निकेश से मीडिया ने संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। परिवार का कहना है कि कंपनी के अन्य कर्मचारी भी बात करने से बच रहे हैं। परिवार ने विदेश मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। परिवार का कहना है कि जब तक यह साफ नहीं हो जाता कि थाईलैंड में आखिर हुआ क्या, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे।
MadhyaBharat 3 November 2025

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