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बचे शीर्ष माओवादियों को खत्म करने के लिए जल्द अभियान चलाए जाएंगे : बस्तर आईजी
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जगदलपुर । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक देश से नक्सल आतंक के समूल खात्मे का लक्ष्य तय किया है। सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति और जवानों के शौर्य ने इसे हकीकत में बदलना शुरू कर दिया है। सिर्फ सात माह में ही सुरक्षाबलों ने माओवादी आंदोलन की रीढ़ कहे जाने वाले 9 शीर्ष कैडर के माओवादियों को ढेर कर दिया है, जबकि अब तक 500 से अधिक नक्सली कैडर भी मुठभेड़ों में मारे गए हैं। इनमें माओवादी आंदोलन का सबसे बड़ा चेहरा संगठन का मुखिया बसवा राजू भी शामिल है। अब सुरक्षाबलों के निशाने पर बाकी रह गए गणपति, भूपति, देवजी और मिशिर बेसरा जैसे 10 शीर्ष माओवादी बचे हैं, जिन्हें लक्षित कर अब आगामी माह में अभियान चलाए जाएंगे।

 

बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने कहा कि यदि सक्रिय माओवादी हथियार नहीं छोड़ते, तो उनका अंजाम बसवा राजू जैसा ही होगा। आने वाले महीनों में माओवादियों के थिंक टैंक विशेषकर शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने के लिए अभियान चलाए जाएंगे।

 

इस वर्ष 2025 में देशभर में मुठभेड़ों में 9 शीर्ष माओवादी कैडर मारे गए इनमें 19 जनवरी काे जयराम उर्फ चलपति काे गरियाबंद में ढेर कर दिया गया, 21 अप्रैल काे विवेक मांझी झारखंड में मारा गया, 21 मई काे बसवा राजू उर्फ नंबाला केशवा राव अबूझमाड़ में ढेर कर दिया गया, 5 जून काे सुधाकर उर्फ थेंटू लक्ष्मी बीजापुर मारी गई, 18 जून काे उदय उर्फ गजराला रवि आंध्रप्रदेश में मारा गया, 11 सितंबर काे मनोज उर्फ मोडेम बालकृष्ण गरियाबंद में मारा गया, 14 सितंबर काे सहदेव सोरेन झारखंड में मारा गया, 2 सितंबर काे गुडसा उसेंडी एवं कोसा नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में मारा गया इसके अलावा माओवादी सुजाता उर्फ कल्पना ने तेलंगाना में आत्मसमर्पण कर दिया है।

 

अब सुरक्षाबलों के निशाने पर नक्सलियाें के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी सदस्य हैं, जिसमें गणपति (एम. लक्ष्मण राव), 74 वर्ष -सलाहकार, सेंट्रल कमेटी, भूपति (एम. वेणुगोपाल उर्फ अभय) 64- सचिव सीआरबी, प्रवक्ता, भाकपा (माओवादी), देवजी (थिप्परी तिरूपति), 62 वर्ष -प्रभारी सेंट्रल मिलिट्री कमेटी, सीआरबी सदस्य, मिशिर बेसरा (भास्कर), 63 वर्ष -प्रभारी ईआरबी (इस्टर्न रिजनल ब्यूरो), झारखंड, पुल्लरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना (सचिव, तेलंगाना स्टेट कमेटी), गणेश उईके उर्फ राजेश तिवारी, 63 वर्ष (सचिव, ओडिशा स्टेट कमेटी), अनल दा उर्फ तुफान (सचिव, बिहार-झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी ; सारंडा जंगल क्षेत्र में सक्रिय), सब्यसाची गोस्वामी उर्फ अजय दा (सचिव, पश्चिम बंगाल-आसाम एरिया कमेटी), रामदेर एवं हिड़मा (दक्षिण बस्तर में सक्रिय) हैं।
 
सुरक्षा बलों ने दाे दिन पहले बस्तर में दो नक्सलियाें काे ढेर किया था इसमें बस्तर में संगठन की नींव रखने वाला गुडसा उसेंडी उर्फ के. राजचंद्र रेड्डी (राजू दादा) पेशे से वकील, बाद में माओवादी आंदोलन से जुड़ा और 2019 में रमन्ना के मारे जाने के बाद दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति (डीकेएसजेडसी) का सचिव व प्रवक्ता की कमान संभाल रहा था। दूसरा काेसा उर्फ के. सत्यनारायण रेड्डी (कोसा दादा) आइआइटी प्रशिक्षित इंजीनियर था, और हथियार निर्माण का मास्टर था। उसने श्रीलंका के लिट्टे से प्रशिक्षण लिया था और डीकेएसजेडसी का सचिवालय प्रमुख था। कोसा दादा कई नामों (गौतम, साधू, गोपन्ना, विनोद, बुचन्ना) से संगठन में जाना जाता था, लंबे समय तक केंद्रीय क्षेत्रीय ब्यूरो का सदस्य भी रहा।

 

MadhyaBharat 24 September 2025

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