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बस्तर जिले के मांदर में बाढ़ से 25 मकान पूरी तरह ध्वस्त
jagdalpur, 25 houses completely destroyed,  flood in Mandar

जगदलपुर । छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में भारी बारिश से बाढ़ का सबसे ज्यादा असर जिले के लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के मांदर पंचायत में देखने को मिला है। यहां पर घरों में रखे कीमती सामान से लेकर पैसा, बर्तन, कपड़ा सब कुछ बह गया है। यहां के लोगों के चेहरे में मायूसी छाई हुई है और अब सरकार से कुछ राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रशासन से मिले आंकड़ों के अनुसार इस गांव के 25 मकान पूरी तरह से धराशाई हो गए हैं, वहीं 100 से अधिक मकान आंशिक क्षतिग्रस्त हुए है। 50 से अधिक मवेशी बाढ़ के पानी में बह गए और खेतों में खड़ी फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है, हालांकि प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर बनाई है।

 

मांदर पंचायत के बाढ़ प्रभाविताें के अनुसार वह मंजर काफी भयावह था, सोमवार रात से मूसलाधार बारिश और मंगलवार की सुबह 8 बजे से गांव में बाढ़ का पानी पंहुचने लगा, देखते ही देखते इस बाढ़ ने गांव के पूरे घरों को अपने चपेट में ले लिया, वहीं जितने लोगों के घरों में मवेशी बंधे थे, वह भी इस बाढ़ के पानी में बह गए, मंगलवार 26 अगस्त की शाम 6 बजे तक यही मंजर रहा। कई लोगों ने अपने घरों के छतों में सहारा लिया, तो कई लोगों को हेलीकॉप्टर की मदद से बाहर निकाला गया। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले साल 2016 में इसी तरह का बाढ़ आया था, लेकिन इस बार के बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। उनका पैसा, सामान, कपड़ा और अनाज सब कुछ बर्बाद हो गया है।

 

इस गांव के बुजुर्ग मनकू का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए उन्होंने कई बार सरपंच सचिव से लेकर प्रशासन के अधिकारियों को आवेदन दिया, लेकिन ना हीं उन्हें वृद्धा पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है और ना ही पीएम आवास योजना का लाभ मिला, बाढ़ वाले दिन उनके परिवार के 10 लोग घर में ही मौजूद थे, जिसमें से 8 लोग सुरक्षित बाहर निकल गए, लेकिन मनकु और उनका बेटा अपने घर के खपरे की छत में बाढ़ का पानी उतरने तक लगभग 6 घंटे का समय भूखे प्यासे बिताया। उन्हें डर बना रहा कि कहीं बाढ़ उन्हें भी बहा के ना ले जाए। मनकू जैसे और भी इस गांव के ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए कई बार आवेदन किया लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला, अब उनके मकान पूरी तरह से ढह चुके हैं, ऐसे में सरकार से प्रभावित ग्रामीण उम्मीद लगाए हैं, कि सरकार पक्का मकान के लिए उनके गुहार सुन ले।

 

बस्तर जिले के कलेक्टर हरीश एस ने बताया कि प्रशासन की टीम मांदर पंचायत में बाढ़ से लोगों को हुए नुकसान का आकलन कर रही है, 100 से अधिक परिवार इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। लेकिन बाढ़ से कोई जनहानि नही हुई है। फिलहाल सभी जरूरी सामान प्रभाविताें को प्रशासन की ओर से मुहैया कराया जा रहा है। प्रभाविताें को जल्द से जल्द उचित मुआवजा मिल सके इसके लिए प्रशासन के द्वारा पूरी कोशिश की जा रही है।

 

MadhyaBharat 29 August 2025

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