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बैतूल। आयकर विभाग ने 10 वर्ष पहले दिवंगत हुई शिक्षिका के नाम से सात करोड़ 55 लाख 69 हजार 30 रुपये का नोटिस जारी किया है। मृत शिक्षिका के बेटे ने मां के दस्तावेजों का गलत उपयोग कर धोखाधड़ी की आशंका जताते हुए सोमवार को पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर जांच की मांग की है।
मृतक शिक्षिका के बेटे पवन सोनी निवासी ग्राम बडोरा ने बताया कि उनकी मां उषा सोनी पाथाखेड़ा के सरकारी स्कूल में पदस्थ थीं। करीब 10 साल पहले 20 नवंबर 2013 को बीमारी के कारण उनका निधन हो गया था। गत 26 जुलाई को स्व. उषा सोनी के नाम पर परिजनों को आयकर विभाग का नोटिस मिला। नोटिस मिलने से हैरान परेशान परिजनों ने आयकर विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्हें बताया गया कि यह टैक्स वर्ष 2017-18 का है। इसके लिए पहले नोटिस भेजे गए थे, लेकिन जवाब नहीं आने पर अब घर पर नोटिस भेजा गया। जो टैक्स बाकी बताया गया है, उस पर पेनाल्टी और ब्याज के बाद साढ़े सात करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
पवन ने बताया कि जो दस्तावेज मिले हैं, उससे पता चला है कि कोई नेचुरल कास्टिंग कंपनी है, जिसने स्क्रैप बेचा है। इस लेनदेन में उनकी मां के पेन कार्ड का उपयोग किया गया है। यह कंपनी पंजाब की बताई जा रही है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि दो मामले सामने आए हैं। इस संबंध में आयकर विभाग से भी जानकारी ली जा रही है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इसके पहले बैतूल में एक दुकान में काम करने वाले नितिन जैन को भी सवा करोड़ रुपये का आयकर बाकी होने का नोटिस आया था। इसकी शिकायत भी गंज थाने में की गई है।
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